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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 6 | No. 3 (I) | July - September, 2024 ]

म/य प्रदेष के आर्थिक विकास में पर्यटन उद्योगों में भूमिका का विष्लेषणात्मक अ/ययन

लखन लाल चौकसे (Lakhan Lal Choksey)

विष्व के सभी देषों में पर्यटन को तेज गति से विस्तार मिल रहा है। भारत के पर्यटन मानचित्र पर म/यप्रदेष एक उभरता हुआ राज्य है। म/यप्रदेष का प्राकृतिक सौन्दर्य विलक्षण है। यहॉं के प्राकृतिक, धार्मिक, पुरातात्विक, आ/यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल पर्यटकों को स्वाभाविक रुप से आकषर््िात करते है। म/यप्रदेष सांस्कृतिक रुप से भी समृ़द्ध राज्य है। म/यप्रदेष राज्य में पर्यटन के विकास के लिए राज्य निर्माण के बाद से बहुत तेजी से काम हुए है। म/यप्रदेष अपने आप में पर्यटन के क्षेत्र में समृ़िद्ध की ओर बढता हुआ राज्य है। यहॉ ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक, औघोगिक केन्द्र, प्राकृतिक सौंदर्य राष्ट्ीय उघान एवं वन्य प्राणी अभ्यारण के साथ-साथ गौरवषाली आदिम संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण देखने को मिलता है। म/यप्रदेष एक विकासोन्मुख राज्य है, जहॉ की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उघोग की विषेष भूमिका है। राज्य में समस्त प्रकार के पर्यटन स्थल प्रचुर मात्रा में अवस्थित हैे तथा इनके विकास और विस्तार की आवष्यकता है।

शब्दकोशः पर्यटन, सकल घरेलू उत्पाद, विनियोग, विदेषी मुद्रा अजन, रोजगार सृजन।


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