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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 7 | No. 1 (I) | January - March, 2025 ]

राजस्थान राज्य में सतत विकास की दिशा में महिला स्वास्थ्य की प्रवृत्ति

शुभलता यादव एवं डॉ. सरिता सिंह (Shubhlata Yadav & Dr. Sarita Singh)

किसी भी देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर द्वारा मानव संसाधन की गुणवत्ता निर्धारित होती है। अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण सतत विकास की प्रमुख प्राथमिकता है। महिलाएँ राजस्थान राज्य की लगभग आधी आबादी हैं, अतः राज्य में महिला स्वास्थ्य पर विशेष /यान दिए जाने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा संचालित महिला स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों एवं योजनाओं, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, महिला शिक्षा में सुधार, महिलाओं की आर्थिक सक्षमता में वृद्धि आदि के कारण निश्चित रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार की प्रवृत्ति देखने को मिलती है, किंतु अभी भी राज्य में महिला स्वास्थ्य के मानक सतत विकास लक्ष्य की दिशा में संतोषजनक नहीं हैं। लैंगिक असमानता, गरीबी, स्वास्थ्य के प्रति अनभिज्ञता एवं उपेक्षा, महिला शिक्षा एवं आर्थिक सामर्थ्य में कमी, सरकारी नीतियों व कार्यक्रमों के कम प्रभावी क्रियान्वयन आदि अनेक कारणों से महिला स्वास्थ्य की दृष्टि से राजस्थान पिछड़े राज्यों की श्रेणी में आता है। अतः व्यक्तिगत, सामाजिक एवं संस्थागत स्तर पर संयुक्त प्रयासों से ही महिला स्वास्थ्य में सुधार संभव है।
शब्दकोशः मानव संसाधन, सतत विकास, महिला जनसांख्यिकी, महिला स्वास्थ्य, अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण।
 


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