किसी भी प्रदेष के भ्रमण हेतु सबसे महत्वपूर्ण उस क्षेत्र के पर्यटन स्थल तथा वहां प्रदान की जाने वाली सुविधाऐं होती हैं। राजस्थान राज्य तथा ढूंढ़ाड़ प्रदेष पर्यावरण की दृष्टि से काफी विकसित है। प्रदेष का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा भौगोलिक स्वरूप पयर्हटन की दृष्टि से काफी विकसित है। ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तथा पर्यावरण की सकारात्मक स्थिति के चलते पर्यटन उद्योग प्रदेष में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पर्यटन स्थलों पर मिलने वाली सुविधाऐं किसी भी पर्यटक के मस्तिष्क में उस स्थान के प्रति विचार स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उसके विचार सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों प्रकार के हो सकते हैं जो पर्यटन स्थलों पर प्रदान की जाने वाली सुविधाओं से प्रभावित होते हैं। पर्यटन स्थलों पर अच्छी सुविधाओं का प्रभाव पर्यटक आगमन पर पड़ता है। पर्यटकों के आगमन में आये सकारात्मक परिवर्तन प्रदेष की अर्थव्यवस्था को बढ़ाते हैं तथा विकास करते हैं। विभिन्न प्रकार के लद्यु व कुटीर उद्योगों पर पर्यटन विकास का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे आजीविका विकास होता है। पर्यटन सुविधाओं में विगत दषकों में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है जिसका प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। पर्यटन उद्योग में देखे गये सकारात्मक परिवर्तन में प्रदेष की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय स्थिति महत्वपूर्ण रहती है।
शब्दकोशः ऐतिहासिक, सांस्कृतिक स्थल, भौगौलिक स्वरूप, लद्यु-कुटीर उद्योग।