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रीवा जिले में निजी जीवन बीमा व्यवसाय की वृद्धि में आई.सी.आई.सी.आई. प्रूडेंशियल कम्पनी की भूमिका का अ/ययन

शिफाली सिंह एवं डॉ. मनीष कुमार शुक्ला (Shifali Singh & Dr. Manish Kumar Shukla)

भारतीय जीवन बीमा उद्योग देश की वित्तीय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो न केवल जोखिम सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि दीर्घकालीन बचत एवं पूंजी निर्माण में भी सहायक होता है। वर्ष 2000 के पश्चात् बीमा क्षेत्र में हुए उदारीकरण ने निजी जीवन बीमा कंपनियों को प्रवेश का अवसर प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप बीमा सेवाओं की गुणवत्ता, उत्पाद विविधता तथा प्रतिस्पर्धा में वृद्धि हुई है। इस परिवेश में आई.सी.आई.सी.आई. प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने निजी जीवन बीमा क्षेत्र में एक सशक्त पहचान स्थापित की है। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य रीवा जिले में निजी जीवन बीमा व्यवसाय की वृद्धि में आई.सी.आई.सी.आई. प्रूडेंशियल कम्पनी की भूमिका का वाणिज्यिक दृष्टिकोण से विश्लेषणात्मक अ/ययन किया गया है। अ/ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार कंपनी की विपणन रणनीतियाँ, उत्पाद संरचना, अभिकर्ता नेटवर्क, ग्राहक सेवा एवं तकनीकी नवाचारों ने बीमा व्यवसाय के विस्तार को प्रभावित किया है।

शब्दकोशः निजी जीवन बीमा, आई.सी.आई.सी.आई. प्रूडेंशियल, बीमा व्यवसाय, रीवा जिला, प्रीमियम संग्रह, वाणिज्यिक विकास।
 


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