रीवा जिले में राज्य शासन द्वारा संचालित युवा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में उन्मुख करना है। अ/ययन से ज्ञात हुआ कि इस योजना के मा/यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये गये हैं, जिससे उनकी औसत वार्षिक आय में निरंतर वृद्धि हुई तथा स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त रोजगार भी सृजित हुए हैं। विशेष रूप से सेवा-क्षेत्र तथा सूक्ष्म-उद्यमों में लाभार्थियों ने स्थिर व्यवसाय स्थापित किये हैं। हालांकि पूंजी उपलब्धता, विपणन सुविधाओं की कमी एवं प्रशिक्षण के अभाव जैसी समस्याएँ भी सामने आईं। निष्कर्ष रूप में योजना के क्रियान्वयन में दक्ष मार्गदर्शन, उन्नत कौशल प्रशिक्षण एवं सतत अनुवर्ती सहयोग प्रदान किया जाए, तो प्रदेश में युवा उद्यमिता को सुदृढ़ रूप से विस्तार प्राप्त हो सकता है।
शब्दकोशः युवा स्वरोजगार योजना, स्वरोजगार, आय स्तर, रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, रीवा जिला।