स्मार्ट और इंटेलिजेंट परिवहन प्रणाली (प्ज्ै) का कार्यान्वयन आज के शहरी परिवहन नेटवर्क में एक आवश्यक बदलाव के रूप में सामने आ रहा है। जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में यातायात प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है। इस पेपर का उद्देश्य जयपुर में स्मार्ट और इंटेलिजेंट परिवहन प्रणाली के कार्यान्वयन के महत्व, लाभ, और चुनौतियों पर विचार करना है। स्मार्ट परिवहन प्रणाली का उद्देश्य ट्रैफिक की भीड़-भाड़ को नियंत्रित करना, यातायात सुरक्षा को बढ़ाना, और सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी बनाना है। इसमें स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, और सार्वजनिक परिवहन की डिजिटलाइजेशन जैसी तकनीकी पहलुओं को शामिल किया गया है। जयपुर में प्ज्ै के कार्यान्वयन से न केवल यातायात की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि यह पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम करेगा, जैसे कि प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह नागरिकों को बेहतर सुविधा और सुविधा की दृष्टि से लाभान्वित करेगा, जैसे कि समय की बचत और यात्रा की सहजता। हालांकि, इस प्रणाली के कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे कि तकनीकी अवसंरचना की कमी, पब्लिक-प्राइवेट सहयोग की आवश्यकता, और लोगों की जागरूकता की कमी। इसके बावजूद, जयपुर में प्ज्ै का सफल कार्यान्वयन शहरी परिवहन व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है और अन्य शहरों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
शब्दकोशः स्मार्ट परिवहन प्रणाली, इंटेलिजेंट परिवहन प्रणाली (प्ज्ै), यातायात प्रबंधन, जयपुर, प्रदूषण नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन, स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स, तकनीकी अवसंरचना, डिजिटलाइजेशन, पर्यावरणीय प्रभाव।