ISO 9001:2015

सीकर ज़िले में फसल संयोजन क्षेत्रों का अध्ययन

पंकज एवं डॉ. एच. एन. कोली (Pankaj & Dr. H.N. Koli)

फसल संयोजन पद्धति कृषि क्षेत्रीयकरण के अध्ययन हेतु एक सशक्त आधार प्रस्तुत करती है। यह एक सांख्यिकीय तकनीक है, जिसके माध्यम से विभिन्न फसलों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रफल और कुल बुवाई क्षेत्र में उनकी हिस्सेदारी को क्रमबद्ध किया जाता है। इसका उद्देश्य किसी निश्चित अवधि और निश्चित क्षेत्र इकाई में प्रचलित फसल प्रतिरूप तथा फसल विविधीकरण की स्थिति को स्पष्ट करना है, जिससे कृषि नियोजन एवं विकास की दिशा में ठोस निष्कर्ष प्राप्त किए जा सकें। यद्यपि सीकर ज़िले में खनन एवं पर्यटन जैसी आर्थिक गतिविधियों को अपेक्षाकृत अधिक प्रोत्साहन मिला है, फिर भी कृषि की विद्यमान संभावनाएँ यहाँ की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बना सकती हैं। अतः सरकार को कृषि भूमि उपयोग नियोजन और विकास में विशेष रुचि दिखानी चाहिए। प्रस्तुत अध्ययन में सीकर ज़िले के बदलते फसल प्रतिरूप की व्यापक समझ हेतु वर्ष 2011-12 और 2021-22 के लिए फसल संयोजन क्षेत्रों का निर्धारण किया गया है। इस हेतु वीवर पद्धति का प्रयोग किया गया है, जिसके अनुसार विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों में फसल संयोजन 3 से 6 फसलों तक पाया गया है।

शब्दकोशः फसल संयोजन, फसल पैटर्न।
 


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