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INSPIRA-JOURNAL OF MODERN MANAGEMENT & ENTREPRENEURSHIP(JMME) [ Vol. 15 | No. 4(II) | October - December, 2025 ]

भारतीय कृषकों पर ई-कॉमर्स का प्रभाव

कन्हैया लाल मीणा (Kanhaiya Lal Meena)

आज के डिजिटल युग में ई-कॉमर्स ने भारतीय कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्रांति ला दी है। पारंपरिक कृषि प्रणाली में किसान अपने उत्पादों की बिक्री मंडियों और बिचौलियों के मा/यम से करते थे, जिससे उन्हें उचित मूल्य और बाजार तक सीधी पहुँच नहीं मिल पाती थी। ई-कॉमर्स ने इस पारंपरिक प्रणाली को बदलते हुए किसानों को सीधे उपभोक्ता तक पहुँच प्रदान की है। डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे म-छाड, ई-चौपाल और अन्य ऑनलाइन मार्केटप्लेस ने किसानों को उत्पादों की बेहतर बिक्री, मूल्य पारदर्शिता, और व्यापक बाजार तक पहुंच प्रदान की है।इस अ/ययन का उद्देश्य यह समझना है कि ई-कॉमर्स ने भारतीय कृषकों की आय, विपणन व्यवहार और कृषि व्यवसाय पर किस प्रकार प्रभाव डाला है। शोध में यह पाया गया कि ई-कॉमर्स के मा/यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, म/यस्थों पर निर्भरता कम हुई है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार तक पहुँच मिली है। साथ ही, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी प्रशिक्षण की कमी जैसे चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं, जो किसानों द्वारा ई-कॉमर्स का पूर्ण लाभ उठाने में बाधक हैं।अ/ययन निष्कर्ष के रूप में यह बताता है कि ई-कॉमर्स न केवल कृषि विपणन को प्रभावी और पारदर्शी बनाता है, बल्कि यह किसानों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में भी योगदान देता है। नीति निर्माता और कृषि विशेषज्ञ ई-कॉमर्स के इस प्रभाव का उपयोग करके किसानों के लिए अधिक प्रशिक्षण, समर्थन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास कर सकते हैं।

शब्दकोशः ई-कॉमर्स, भारतीय किसान, डिजिटल कृषि विपणन, म-छाड, ई-चौपाल, किसान सशक्तिकरण, कृषि व्यवसाय, डिजिटल साक्षरता।
 


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