कोविड-19 महामारी ने विश्वभर में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को गहराई से प्रभावित किया। शिक्षा क्षेत्र भी इस प्रभाव से अछूता नहीं रहा। महामारी के दौरान लंबे समय तक चले लॉकडाउन, विद्यालयों और महाविद्यालयों का बंद होना, ऑनलाइन शिक्षा की अनिवार्यता तथा सामाजिक अलगाव जैसी परिस्थितियों ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य कोविड-19 के पश्चात छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में आए परिवर्तनों का विश्लेषणात्मक अ/ययन करना है। इस अ/ययन में छात्रों में तनाव, चिंता, अवसाद, अकेलापन तथा अ/ययन से जुड़ी प्रेरणा में आए परिवर्तनों का परीक्षण किया गया है। शोध के लिए प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आंकड़ों के लिए प्रश्नावली के मा/यम से छात्रों से जानकारी एकत्रित की गई, जबकि द्वितीयक आंकड़ों के लिए विभिन्न शोध पत्रों, रिपोर्टों और पुस्तकों का सहारा लिया गया। प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण प्रतिशत पद्धति तथा अन्य सांख्यिकीय तकनीकों के मा/यम से किया गया। अ/ययन के परिणाम यह दर्शाते हैं कि कोविड-19 के बाद छात्रों में मानसिक तनाव, चिंता तथा सामाजिक अलगाव की भावना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही, अत्यधिक स्क्रीन समय, सीमित सामाजिक संपर्क और शैक्षणिक अनिश्चितताओं ने भी छात्रों की मानसिक स्थिति को प्रभावित किया है। शोध यह भी संकेत करता है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, परामर्श सेवाओं की उपलब्धता तथा सहायक शैक्षणिक वातावरण छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अतः आवश्यक है कि शैक्षणिक संस्थान, अभिभावक तथा नीति-निर्माता मिलकर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाएँ, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना सकारात्मक और संतुलित मानसिक अवस्था के साथ कर सकें।
शब्दकोशः कोविड-19, मानसिक स्वास्थ्य, छात्र, तनाव, ऑनलाइन शिक्षा, सामाजिक अलगाव।