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INSPIRA-JOURNAL OF MODERN MANAGEMENT & ENTREPRENEURSHIP(JMME) [ Vol. 16 | No. 1(I) | January - March, 2026 ]

उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव

चेतन लाल रेगर एवं दुर्गा लाल रेगर (Chetan Lal Raigar & Durga Lal Raigar)

डिजिटलाइजेशन और तेजी से बदलते प्रौधोगिकी के युग में ‘कृत्रिम बुद्विमता’ दुनिया भर में प्रौधोगिकी के क्षेत्र में सबसे तेज प्रगति है। कम्पयूटरीकृत मशीनो और साफ्टवेयर प्रौधोगिकी के अ/ययन और विकास को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है। ।प् से शिक्षा के साथ अनेक क्षैत्रों में लाभ नजर आने लगा है। दुनिया भर में कौशल आधारित पाठ्यक्रम के साथ, विभिन्न शिक्षण कार्यकम, शिक्षण अनुप्रयोग विकसित किये जा रहे है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मा/यम से लगभग पूरी वैश्विक कक्षाएंे एक दूसरे के लिए सुलभ हो जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से शिक्षा के स्तर में सुधार हो सकता है। यह मशीने सीखने की प्रकियाओं को उन्नत करने का अवसर प्रदान करता है। हालॉकि शिक्षको द्वारा व्याख्यान के मा/यम से कक्षा मे शिक्षा प्रदान करने का तो यह स्थान नही ले सकता, परन्तु ।प् से शिक्षको और छात्रो के लिए कई लाभ है। इस शोधपत्र का उद्देेष्य शिक्षा के क्षैत्र में कृत्रिम बुद्विमता की भूमिका पर चर्चा करना है, जिसमें कृत्रिम बुद्विमता के लाभ और शिक्षा के क्षैत्र मे प्रभाव शामिल है।

शब्दकोशः उच्च षिक्षा, कृत्रिम बुद्विमता, डिजिटलाइजेशन, प्रौधोगिकी, मशीन लर्निंग।
 


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