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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 1 (I) | January - March, 2026 ]

कोविड-पश्चात भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एनपीए की बदलती प्रवृत्तियाँ एवं प्रबंधन रणनीतियाँः एक तुलनात्मक अध्ययन (2020-2025)

Dr. Suman Kumari & Dr. Kumari Deepa Rani

प्रस्तुत शोध पत्र कोविड-19 महामारी के पश्चात (2020-2025) भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अनर्जक परिसंपत्तियों (अनर्जक परिसंपत्तियाँ) की बदलती प्रवृत्तियों एवं उनके प्रबंधन हेतु अपनाई गई रणनीतियों का तुलनात्मक विश्लेषण करता है। अध्ययन में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा को प्राथमिक केस के रूप में लिया गया है। शोध में द्वितीयक डेटा, भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्टें, बैंकों की बैलेंस शीट एवं वित्त मंत्रालय के दस्तावेज़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि जहाँ एक ओर महामारी के दौरान अनर्जक परिसंपत्तियाँ में वृद्धि की आशंका थी, वहीं सरकारी नीतियों, दिवाला और दिवालियापन संहिता (दिवाला एवं दिवालियापन संहिता), नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी लिमिटेड) एवं बैंकों के आंतरिक सुधारों के कारण अनर्जक परिसंपत्तियाँ में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। यह शोध पत्र नीति-निर्माताओं, बैंकरों एवं शोधकर्ताओं के लिए महत्त्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

शब्दकोशः अनर्जक परिसंपत्तियाँ, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, कोविड-19, दिवाला और दिवालियापन संहिता, नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, ऋण वसूली, बैंकिंग सुधार।
 


 


DOI:

Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.1(I).8613

DOI URL: https://doi.org/10.62823/IJEMMASSS/8.1(I).8613


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