प्राचीन कला में हाथी का चित्रण भिन्न-भिन्न आकारों में पत्थर को काटकर किया गया है और साथ ही दिवारों पर चित्रित किया गया है। मानव ने अपने मन की भावनाओं को चित्र व मूर्ति के मा/यम से अभिव्यक्त की है। जिनके अवशेष हमें आदिकाल से अब तक अनेकों स्थानों पर प्राप्त होते हैं । प्रस्तुत शोध पत्र में मैंने इसी तथ्य की पुष्टि करने का प्रयास किया है।
शब्दकोशः अभिव्यक्त, साक्ष्य, मान्यता, ऋग्वेद, उत्कीर्ण, षिलालेख, जातक, यज्ञ, प्रतिष्ठा।
Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.1(I).8655