राजस्थान सहित भारत के विभिन्न क्षेत्रों में किये गये बैंकिंग और डिजिटलीकरण पर शोध से पता चलता है कि डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जो ग्राहकों की सुविधा की माँग और सरकारी पहलों जैसे कारकों से प्रेरित है। इसके प्रमुख प्रभावों में बैंकों के लिए बेहतर दक्षता, विस्तारित पहुँच और कम लागत के साथ-साथ ग्राहकों के लिए चौबीसों घंटे पहुँच और सुविधा शामिल है। हालाँकि, चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं, जिनमें साइबर सुरक्षा के बढ़ते जोखिम और ग्राहकों के विष्वास और व्यक्तिगत संबंधों को बनाए रखने के साथ डिजिटल नवाचार को संतुलित करने की आवश्यकता शामिल है। विगत कुछ वर्षों में डिजिटल वित्तीय सेवा में तकनीकी उन्नति के बाद भी, डिजिटल वित्तीय सेवाओं को शैक्षणिक साहित्य और लाभप्रदता में उचित ध्यान नहीं मिला है। ऐप बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट आदि जैसी नई तकनीकों के विकास के साथ, अधिक लोग बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सेवाओं तक पहुँच रहे हैं और उनका उपयोग कर रहे हैं। यह शोधपत्र राज्य के बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटलीकरण के विभिन्न मुद्धों पर चर्चा करता है।
शब्दकोशः डिजिटलीकरण, साइबर सुरक्षा, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऐप बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, बैंक, छम्थ्ज्, त्ज्ळै, जन धन योजना।