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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 1 (I) | January - March, 2026 ]

कृषि विकास में किसान क्रेडिट कार्ड योजना की भूमिका (राजस्थान के संदर्भ में)

महेन्द्र कुमार मीणा एवं डॉ. पवन वर्मा (Mahendra Kumar Meena & Dr. Pawan Verma)

किसान क्रेडिट कार्ड राज्य के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह किसानों को उनकी खेती, कटाई के बाद और अन्य वित्तीय ज़रूरतों के लिए समय पर और पर्याप्त मात्रा में ऋण प्रदान करता है, जिससे साहूकारों पर उनकी निर्भरता कम होती है। यह अल्पकालिक उत्पादन व्यय, कृषि परिसंपत्तियों के लिए कार्यशील पूंजी, घरेलू उपभोग और पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों में निवेश के लिए एकल-खिड़की, सरलीकृत ऋण प्रणाली प्रदान करता है। किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को संस्थागत ऋण तक आसान पहुँच, समय पर पुनर्भुगतान के लिए कम ब्याज दर और फसल एवं दुर्घटना बीमा योजनाओं के अंतर्गत कवरेज के माध्यम से लाभान्वित करता है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के साथ, किसान खेती, फसल कटाई के बाद के खर्च, उपज विपणन ऋण, किसान परिवारों की उपभोग आवश्यकताओं और कृषि परिसंपत्तियों के रखरखाव और संबद्ध कृषि गतिविधियों के लिए कार्यशील पूंजी के लिए अपनी अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। यह शोधपत्र राजस्थान के कृषि विकास में किसान क्रेडिट कार्ड की भूमिका को संदर्भित करता है।

शब्दकोशः किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि विकास, राजस्थान, कार्यशील पूंजी, अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण, राजस्थान कृषि प्रतिस्पर्धात्मकता परियोजना, ब्याज, जल प्रबंधन, सीमान्त या लघु किसान, कृषि विकास।
 


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