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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 1 (I) | January - March, 2026 ]

सरकारी एवं निजी बैंकिग क्षेत्र में डिजिटलीकरण की भूमिका (राजस्थान के विषेष संदर्भ में)c

राकेश मीणा एवं प्रो.(डॉ.) पंकज कान्त दीक्षित (Rakesh Meena & Prof. (Dr.) Pankaj Kant Dixit)

डिजिटल प्रौद्योगिकी में हुई प्रगति ने सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों के काम करने के तरीके को बदल दिया है। डिजिटल व्यापार के युग की शुरुआत ने व्यावसायिक वातावरण को बदल दिया है। इसका सबसे ज्वलन्त उदाहरण डिजिटल बैंकिंग है। डिजिटल बैंकिंग कार्य में पिछले कुछ वर्षों में महति परिवर्तन आया है, और विभिन्न प्रकार के उत्पादों, जैसे कि कैशियर, एटीएम, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल भुगतान आदि की उपलब्धता बढ़ी है। स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों ही क्षेत्रों में अवसर पैदा करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की अपार संभावनाएँ हो गयी हैं। वित्तीय क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और अन्य चुनौतियों में वृद्धि बैंकों को नए डिजिटल मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है जो उनके लिए महत्वपूर्ण मूल्य के अद्वितीय स्रोत प्रदान करते हैं। यह शोधपत्र राजस्थान के सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों में डिजिटल प्रौद्योगिकी की भूमिका का अध्ययन करता है।

शब्दकोशः डिजिटल प्रौद्योगिकी, डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, क्रेडिट कार्ड, सरकारी एवं निजी क्षेत्र, ऑनलाइन बैंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग।
 


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