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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 1 (II) | January - March, 2026 ]

महिला उद्यमियों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास में योगदान (रीवा जिले के विशेष संदर्भ में)

डॉ. मनीष शुक्ला एवं शालिनी श्रीवास्तव (Dr. Manish Shukla & Shalini Srivastava)

‘‘भारत की सामाजिक मान्यताओं के अनुसार महिला का स्थान एवं कार्यक्षेत्र घर की चारदीवारी तक ही सीमित है, किन्तु आदिकाल से ही वह पुरुषों से आवश्यकता पड़ने पर पीछे नहीं रही। यह सर्वमान्य तथ्य है कि कोई भी देश उपलब्ध मानव संसाधनों का पूर्ण उपयोग करके ही आर्थिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। चूकिं मानव का आधा भाग महिलाएं होती है। इसलिये कोई राष्ट महिलाओं की सहभागिता के बिना आर्थिक विकास का सपना पूरा नही कर सकता है। इसलिये प्रत्येक राष्ट में आर्थिक विकास की गति को प्रोत्साहित करने में महिलाओं की भूमिका बढ़ती जा रही है। विकसित देशों में महिलाओं पुरुषों के साथ बना भेदभाव के कार्य करती रहती है, जबकि भारत जैसे विकासशील देश में प्रयासरत है। शिक्षा प्रशिक्षण एवं आवश्यक दिशा निर्देश जैसे-जैसे महिलाओं में विकसित हो रहा है। क्रमशः कृषि, पशुपालन के अतिरिक्त औद्योगिक एवं अन्य क्षेत्रों में भी महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ी है।’’

शब्दकोशः महिला उद्यमी, आर्थिक स्वावलंबन, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति।
 


DOI:

Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.1(II).8824

DOI URL: https://doi.org/10.62823/IJEMMASSS/8.1(II).8824


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