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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 2 (I) | April - June, 2026 ]

राजस्थान के सामाजिक जीवन में गज चित्रण

सोहन लाल बलाई एवं डॉ. श्रीकृष्ण यादव (Sohan Lal Balai & Dr. Shrikrishan Yadav)

चित्रण की प्रवृति मनुष्य में आदिकाल से चली आ रही है।1 राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराएँ, लोकजीवन, स्थापत्य कला, चित्रकला तथा सामाजिक मान्यताएं अत्यन्त समृद्ध एवं विशिष्ट हैं। राजस्थान की कला में प्रकृति, पशु-पक्षी, धार्मिक आस्थाएं और राजसी सामाजिक जीवन का अत्यन्त सुंदर एवं जीवन्त चित्रण मिलता है। इन्हीं कलात्मक अभिव्यक्तियों में “गज चित्रण” का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है।

शब्दकोशः समृद्ध, शौर्य, राजसी, प्रतीक, विजय जुलूस, सांस्कृतिक वैभव।
 


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