रीवा जिला म/यप्रदेश के विं/य क्षेत्र का एक प्रमुख वन-संपन्न क्षेत्र है, जहाँ वनोपज संसाधनों का आर्थिक एवं वाणिज्यिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य रीवा जिले में उपलब्ध वनोपज संसाधनों के आर्थिक मूल्यांकन तथा उनकी व्यापारिक संरचना का विश्लेषण करना है। वनोपज जैसे- तेंदूपत्ता, महुआ, आंवला, हर्रा एवं बहेरा न केवल स्थानीय समुदायों की आजीविका का आधार हैं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। अ/ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। अ/ययन यह भी इंगित करता है कि यदि वनोपज के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं संगठित विपणन तंत्र को सुदृढ़ किया जाए, तो इन संसाधनों से प्राप्त आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। अतः वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु नीतिगत हस्तक्षेप एवं संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं।
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2. सिंह, ए.के., थ्वतमेज म्बवदवउपबे पद प्दकपं, नई दिल्ली, 2019.
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5. म/यप्रदेश शासन, आर्थिक सर्वेक्षण, भोपाल, 2022.
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