भारतीय ज्ञान प्रणाली मूलतः संस्कृत भाषा के विशाल वाङ्मय पर आधारित है। प्रस्तुत शोध सारांश का मुख्य उद्देश्य आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली में संस्कृत शिक्षा की व्यावहारिक उपयोगिता, वैज्ञानिकता और वैचारिक प्रासंगिकता का मूल्यांकन करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में यह अ/ययन स्पष्ट करता है कि संस्कृत केवल कर्मकांड या पूजा-पद्धति की भाषा नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद, खगोल विज्ञान, गणित, पर्यावरण और कंप्यूटर विज्ञान जैसे क्षेत्रों में ज्ञान का मूल स्रोत है। प्राथमिक और मा/यमिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकलता है कि संस्कृत का व्यावहारिक ज्ञान न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है, बल्कि छात्रों के संज्ञानात्मक विकास और भाषाई कौशल को भी उन्नत करता है।
1. महाना, डॉ. पंकज -Knowledge System in Sanskrit Literature राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली.
2. शर्मा, विवेक - भारतस्य ज्ञानपरम्परा - सत्यम पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली.
3. शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार - राष्ट्रीय शिक्षा नीति
4. ब्रिग्स, रिक. -ज्ञदवूसमकहम त्मचतमेमदजंजपवद पद ैंदेातपज ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम. नासा, एआई मैगजीन.
5. आईकेएस डिवीजन आधिकारिक वेबसाइट
6. सिन्हा, सुधिंता - आधुनिक शिक्षा प्रणाली में संस्कृत भाषा का महत्व और मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया पर इसका प्रभाव. अनंता जर्नल।