वर्तमान शोध आलेख राजस्थान राज्य में राजनीतिक भागीदारी और मतदान व्यवहार की प्रवृत्तियों का जातिगत आयामों एवं बदलते सामाजिक परिवर्तनों के संदर्भ में विश्लेषण करता है। 2013, 2018 तथा 2023 के विधानसभा चुनावों के आधिकारिक आंकड़ों, निर्वाचन आयोग के आंकड़ों, जनगणना 2011 एवं विभिन्न विश्वसनीय सर्वे-आधारित रिपोर्टों के आधार पर यह अ/ययन यह दर्शाता है कि राजस्थान में द्विदलीय प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति के बीच जातिगत तालमेल, कल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिकरण, महिला मतदाताओं की बढ़ती सक्रियता तथा नेतृत्व के चरित्र ने मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित किया है। विशेष रूप से महिला मतदान प्रतिशत में पुरुषों की तुलना में बढ़ती भागीदारी एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है, जिसमें लिंग अंतर लगभग समाप्त हो चुका है। यह आलेख निष्कर्ष निकालता है कि राजस्थान के मतदान व्यवहार में जातिगत आस्था अब भी प्रासंगिक है, किंतु उसका स्वरूप वर्ग, कल्याण एवं व्यक्तिगत लाभ जैसे आधुनिक कारकों के साथ जुड़कर अधिक जटिल एवं बहुआयामी होता जा रहा है।
Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.3(II).9387