वित्तीय सेवाओं के तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण ने बैंकिंग क्षेत्र को महत्वपूर्ण रूप से परिवर्तित किया है, जिससे ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन को व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है। ग्राहक सुविधा, इंटरनेट बैंकिंग की गति और अपनी डिजिटलीकरण की आवश्कता की पूर्ति, मोबाइल एप्लिकेशन और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर तीव्र गति से भरोसा करने लगे हैं। हालांकि, इस बदलाव ने वित्तीय प्रणालियों को साइबर सुरक्षा के खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला के तरीकों को भी उजागर किया है। यह शोध अ/ययन ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन को प्रभावित करने वाले विभिन्न साइबर सुरक्षा उपकरणों की भी जांच करता है, जिसमें फिशिंग, मैलवेयर हमले, ग्राहक पहचान की चोरी और समंक उल्लंघन सम्मिलित हैं। यह अ/ययन ग्राहकों की जागरूकता के स्तर, बैंकों द्वारा अपनाए गए सुरक्षा के प्रभावसाली उपायों और सुरक्षित वित्तीय लेन-देन सुनिश्चित करने में विभिन्न विनियामक अधिकारियों की भूमिका का भी मूल्यांकन करता है। कुछ निष्कर्षों से पता चलता है कि बैंक उन्नत तकनीकी समाधान लागू कर रहे हैं, लेकिन उपयोगकर्ताओं की लापरवाही और जागरूकता की कमी साइबर जोखिमों में प्रमुख योगदानकर्ता बनी हुई है। यह अ/ययन डिजिटल बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी, उपयोगकर्ता, शिक्षा और विभिन्न विनियामक अधिकारियों की सहायता से जुड़े एक संयुक्त दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर रहा है।
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Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.3(II).9391