राजस्थानी चित्रषैली की हाड़ौती षैली की कला परंपरा के अंतर्गत बूंदी शैली भित्तिचित्रों के इतिहास में कलात्मक दृष्टि से महŸवपूर्ण स्थान रखते है। बूंदी षहर में पहाड़ी पर गढ़ पैलेस परिसर में स्थित चित्रशाला (उम्मेद महल) अपने भित्तिचित्रों के उत्कृष्ट संरक्षण और अनूठी विषय-वस्तु के लिए कला के इतिहास में वैश्विक पहचान रखती है। चित्रशाला की दीवारों पर गज का अंकन किया गया है। इस षोध पत्र में चित्रशाला में चित्रित हाथियों की कलात्मक, रूपात्मक विशेषताओं, उनकी विभिन्न शारीरिक मुद्राओं (जैसे मल्ल-युद्ध, मदमस्त अवस्था, जलक्रीड़ा) आदि का अंकन एवं हाथियों के अंकन में असाधारण गतिशीलता का स्वतंत्र कलात्मक एवं तकनीकी विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।।
1. अग्रवाल आर. ए.: कला विलास, भारतीय चित्रकला का विवेचन, लायल बुक्स, मेरठ, 1995
2. उपा/याय, डॉ. विधासागर: भारतीय चित्रकला की कहानी, जयपुर, 1999
3. प्रताप डॉ. रीता: भारतीय चित्रकला एवं मूर्तिकला का इतिहास, जयपुर, 2022
4. नीरज, डॉ. जयसिंह, षर्मा: राजस्थानी चित्रकला, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर, 2015
5. कुमार, प्रमोद - राजस्थान की भित्ति चित्रकला परंपरा, राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी, जयपुर (2015)