प्रस्तुत शोध में सतना जिले में कार्यरत सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा प्रदत्त बैंकिंग सेवाओं तथा उनके वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषणात्मक अ/ययन किया गया है। बैंकिंग क्षेत्र किसी भी अर्थव्यवस्था की आधारभूत संरचना का प्रमुख अंग है, जो पूंजी निर्माण, निवेश प्रवाह एवं वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करता है। इस अ/ययन में बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता, ग्राहक संतुष्टि, ऋण वितरण, जमा प्रवृत्ति तथा लाभप्रदता जैसे प्रमुख संकेतकों का विश्लेषणात्मक मूल्यांकन किया गया है। अ/ययन हेतु प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया, जिससे निष्कर्षों की प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सके। अ/ययन के परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि निजी क्षेत्र के बैंक तकनीकी नवाचार, त्वरित सेवा वितरण एवं ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के कारण अधिक प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में व्यापक पहुँच एवं विश्वास के आधार पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वित्तीय प्रदर्शन के संदर्भ में निजी बैंक अपेक्षाकृत अधिक लाभप्रदता प्रदर्शित करते हैं, जबकि सार्वजनिक बैंकों में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (छच्।) का स्तर अधिक पाया गया है। अतः यह अ/ययन बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता एवं वित्तीय प्रदर्शन के म/य अंतर्संबंध को स्पष्ट करते हुए बैंक प्रबंधन एवं नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
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