झारखंड में महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ रही हैं। आर्थिक समाज में महिलाओं की भागीदारी और सम्मानजनक स्थिति को देखते हुए झारखंड की महिलाओं में भी उद्यमी बनने के सपने देखने के साथ-साथ उन्हें साकार करने की ओर अपने कदम धीरे-धीरे ही सही आगे बढ़ा रही हैं। झारखंड में महिला उद्यमियों के रास्ते में आने वाले धन की कमी, लाचार बुनियादी ढांचा, लैंगिक रूढ़िवादिता और अपर्याप्त कौशल जैसे बढ़ाओ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। झारखंड में महिला उद्यमियों को समर्थन देने वाला सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर उनकी सामाजिक और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पूरी प्रतिभा का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए सरकारी तंत्र तथा समाज को आगे बढ़कर वित्तीय समावेशन लैंगिक जागरूकता प्रतिभा को निखारकर बुनियादी ढांचा के विकास पर जोर देना चाहिए। यह अध्ययन झारखंड महिलाओं के उद्यमी बनने की इच्छा को प्रेरित करने वाले कारकों को समझाने पर केंद्रित है। वर्तमान झारखंडी ग्रामीण परिवेश में, उद्यमिता को बेरोजगारी दूर करने, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने और ग्रामीण बेरोजगार लोगों के कौशल को बढ़ाने का एक आशाजनक मार्ग जान माना जाता है। भारत के अन्य राज्यों में उद्यमशीलता गतिविधियों में वृद्धि के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधन, कम जागरूकता और वित्तीय बढ़ाओ जैसी चुनौतियां बनी हुई है जो झारखंड में विशेषकर महिलाओं को उद्यमशीलता अपने से रुकती है उद्यमिता बेरोजगारी को सकारात्मक रूप से काम करने में सहायक है।
Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.3(IV).9585